'देश दो कानूनों पर कैसे चल सकता है?'  समान नागरिक संहिता पर पीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना,  'How can country run on 2 laws?' On Uniform Civil Code, PM targets Opposition

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान से अवगत हूं। 25 जून, 2023 को एक भाषण में, मोदी ने कहा कि यूसीसी संविधान का "प्राकृतिक परिणाम" है

और भारत के लिए यह "उचित समय" है कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून बनाए जाएं, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो।

मोदी के बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कुछ लोग यूसीसी के विचार का समर्थन करते हुए तर्क देते हैं कि यह सभी नागरिकों के लिए समानता और न्याय को बढ़ावा देगा।

मोदी के बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कुछ लोग यूसीसी के विचार का समर्थन करते हुए तर्क देते हैं कि यह सभी नागरिकों के लिए समानता और न्याय को बढ़ावा देगा।

यूसीसी पर बहस कुछ समय तक जारी रहने की संभावना है। हालाँकि, मोदी के बयान ने निश्चित रूप से इस मुद्दे को फिर से एजेंडे में ला दिया है,

और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार आने वाले महीनों में कैसे आगे बढ़ती है।

Uniform civil code के पक्षधर का कहना है कि यूसीसी सभी नागरिकों के लिए समानता और न्याय को बढ़ावा देगा।

Uniform civil code के विपक्षका कहना है कि 01. यूसीसी धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करेगा।

02. इसे लागू करना कठिन होगा और इससे संघर्ष हो सकता है। 03.  यह उन लोगों के लिए उचित नहीं होगा जो अपने धार्मिक कानूनों का पालन करना चाहते हैं।