मुख्य परीक्षा दो दिवसीय परीक्षा होगी, जिसमें प्रत्येक दिन दो पेपर होंगे।

इसी साल के जनवरी में मध्यप्रदेश में भर्ती निकलती है। ग्रुप दो सब ग्रुप चार की भर्ती इसमें सहायक संपरीक्षक, सहायक जनसंपर्क परीक्षक सहायक, नगर निवेशक, सहायक राजस्व अधिकारी, सहायक अग्निशमन अधिकारी और भू अभिलेख राजस्व विभाग के अंतर्गत पटवारी की पोस्ट थी।

इसके लिए करीब 14,00,000 लोगों ने पेपर दिया। इस संख्या पर आपको गौर करना चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर इतना टफ था की 200 कुल नंबर जो थे उसमें से 140, 150 किसी को मिल जाए। बहुत बड़ी बात होगी लेकिन 30 जून को जब रिज़ल्ट आया तो सबके होश उड़ गए।

किसी को कुछ समझ नहीं आया। किसी के 177 नंबर आये, किसी के 164 और इन सब टॉपर्स में एक चीज़ कॉमन थी Exam सेंटर

आरोप लगे हैकी एक एग्जाम सेंटर पर पेपर देने वाले टॉप कर जा रहे हैं। इस सेंटर का कनेक्शन एक भाजपा विधायक से है सेंटर के अलावा संदेह पैदा करने वाले और तथ्य भी दिए जा रहे हैं और इस कथित घोटाले का स्केल 300 करोड़ से भी ज्यादा बताया जा रहा है।

घोटाले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं जैसे क्या कोई जांच शुरू हुई है? मध्यप्रदेश सरकार का क्या रुख है? इस तरह के और घोटालों की कहानी क्या रही है ?

मध्यप्रदेश पटवारी परीक्षा घोटाले का आरोप संजीव कुशवाहा पर बताया जा रहा है जोकि भिंड जिले से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं ।